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तुम शायद सबकुछ भूल गये..........
*तुम शायद सबकुछ भूल गए जब बात हमारी होती थी.........२* वो चाँद कभी होले - होले आग़ोश में यूँ आ जाता था मैं उसका चेहरा पढ़ता था मैं उसका सर सहल...
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*तुम शायद सबकुछ भूल गए जब बात हमारी होती थी.........२* वो चाँद कभी होले - होले आग़ोश में यूँ आ जाता था मैं उसका चेहरा पढ़ता था मैं उसका सर सहल...
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एक बेटी घर से कहाँ जाएगी? वो अम्मा की बातों पे लड़ना झगड़ना , वो अब्बा के सामने नखरे उतारना, भाई रूठ तन्हाई में रोना माँ से कहना , मैं एक...

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