हर सिम्त चल रहा है हवा इश्क की जनाब,
बच्चे भी खा रहे हैं दवा इश्क की जनाब।
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तुम शायद सबकुछ भूल गये..........
*तुम शायद सबकुछ भूल गए जब बात हमारी होती थी.........२* वो चाँद कभी होले - होले आग़ोश में यूँ आ जाता था मैं उसका चेहरा पढ़ता था मैं उसका सर सहल...
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एक सहमी सी आवाज़ थी वो..2 मैं कैसे कहूँ कि, दूर है वो, नज़रो में है,और दिल मे भी, मैं तन्हा हूँ तो भी है वो, वो साथ मेरे महफ़िल में भी। मेरे जी...
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*क्षणिक सुख की प्राप्ती* ....... प्रशंसा(तारीफ़) मिठाई के सामान है जो क्षणिक सुख प्रदान करता है और आसानी से मिल जाता है और इसके ज्यादा सेवन स...
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